नहीं थे पैसे तो डॉक्टर के खिलाफ रची कहानी, परिजनों ने मांगी माफी !

खबर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से है जहां प्रेस क्लब में सत्यवती महिला ने प्रेस वार्ता करते हुए जीवनदीप हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बताया गया कि उनके पिता को अस्पताल में बंधक बनाया गया जबकि जब मीडिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अस्पताल पहुंचा तो ऐसी कोई भी कृत हॉस्पिटल में नहीं था साथ ही पूरा मामला पैसा कम करने के लिए के प्रेसवार्ता की कहानी रची इसके बाद डॉक्टर के समझ परिजनों ने इसका खंडन करते हुए माफी मांगा और भविष्य में ऐसा कृत न करने की बात कही साथ ही लिखित रूप में मरीज के साले ने और उनके सहयोगी ने यह लिख कर दिया कि हमसे गलती हुई है और हमने पैसे के लालच में पैसा कम करने के लालच में ऐसा कृत किया साथ ही बताया कि भविष्य में इस तरह का कृत नहीं करेंगे।

 

हालांकि मरीज की आर्थिक स्थिति देखते हुए और दिमाद्दारों की गुहार पर डॉक्टर एस के वर्मा ने मरीज के इलाज में लगे पूरे धनराशि से ₹90000 माफ करते हुए मानवता का मिसाल पेश किया डॉक्टर ने बताया कि मरीज की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और यह लोग बताए ब्याज पर पैसे इक्कठा कर इलाज करा रहे थे जिसकी सूचना जब हमें हुई तो हमने ऐसा कदम उठाया क्योंकि यह किसी के बहकावे में आकर पैसा कम करने के लिए प्रेस क्लब पहुंचकर झूठी कहानी रची जब इसकी जानकारी मुझे हुई तो यह लोग मेरे मैनेजर के द्वारा मेरे समझ पेश हुए और मैं इनका शेष पैसा माफ करते हुए आगे का इलाज जारी रखा साथी डॉक्टर ने बताया कि जब मरीज हमारे हॉस्पिटल आया था तो एकदम गंभीर स्थिति में था हमने अथक प्रयास करने के बाद मरीज को 9 दिनों में पूरी तरह ठीक कर दिया जो बातें काबिले तारीफ होनी चाहिए उसकी तिमादार कुछ लोगों के बहकावे में आकर पैसे की लालच में ऐसी कहानी रची जिसकी मैं घोर निंदा करता हूं।

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