पिथौरागढ़ : निकट भविष्य में कोई चुनाव तो नहीं है लेकिन हाई अल्टीट्यूड पर चुनाव प्रबंधन की स्टडी करने पिथौरागढ़ पहुंचे देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार रालम गांव में फंस गए। मौसम ख़राब होने पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
जिला मुख्यालय से इस गांव की दूरी पौने दो सौ किमी है। मिलम घाटी के इस गाँव में घर तो बहुत है लेकिन आदमी एक भी नहीं क्योंकि ज्यादा ठंड की वजह से वहां के लोग निचले इलाकों में माइग्रेट कर जाते हैं । अब वहां सीईसी सुरक्षित तो थे लेकिन कई घंटे बाद भी उन्हें रेस्क्यू नहीं किया जा सका जिसके चलते शह लेने के लिए उन्होंने गांव के एक घर का दरवाजा तोड़ा और ठंड से बचने के लिए बाहर लकड़ी जलाकर बर्फीली पहाड़ियों के बीच ठंड से बचने का प्रयास किया । प्रशासन ने लिलम, पातो और मिलम से तीन अलग अलग टीमें रेस्क्यू के लिए भेजी जो कि सड़क न होने की वजह से कई किलोमीटर पैदल ट्रैक करने के बाद सुबह 4 बजे गांव पहुंची ,चुनौती बहुत थी लेकिन रेस्क्यू आखिरकार सफल रहा ।
पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया
केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बुधवार को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के दौरे पर पहुंचे हुए थे। उस हेलिकॉप्टर में केंद्रीय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और उत्तराखंड के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे शामिल थे। इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बुधवार को केंद्रीय चुनाव आयुक्त और उत्तराखंड के उप मुख्य निर्वाचन देहरादून से हेलिकॉप्टर से ट्रेकिंग के लिए मुनस्यारी के मिलम जा रहे थे। खराब मौसम के कारण उनके हेलिकॉप्टर की एक खेत में इमर्जेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इससे पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था। हालांकि इमरजेंसी लैंडिंग सफल रही।
