उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी. यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उनके पूर्व पीए और करीबी सहयोगी से जुड़े मामले को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर कहा कि यदि उनके किसी कार्य या उनसे जुड़े किसी विवाद से कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष को नुकसान पहुंचता है तो वह ऐसी स्थिति नहीं चाहते. इसी कारण उन्होंने अपने पद छोड़ने का निर्णय लिया है.
पहले जानिए क्या कुछ बरामद हुआ
ईडी की यह कार्रवाई UKSSSC की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में की गई है. ईडी की कार्रवाई के दौरान चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके साथ ही करीब 200.5 ग्राम वजन के सोने के सिक्के और चेन भी तलाशी के दौरा मिला. इसमें 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं. ED को यहां से रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफिस जैसी कंपनियों की 12 लग्जरी महंगी ब्रांडेड घड़ियां भी मिलीं.
ईडी ने PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) 2002 की धारा 17(1A) के तहत चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को भी सीज कर दिया. बताया जा रहा है कि इनमें कुल 52.16 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा है. वहीं जीना का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए ले लिया गया.
ED के मुताबिक जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1.28 करोड़ रुपये है. छापेमारी के दौरान कई पूर्व UKSSSC अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के यहां से भी अघोषित नकदी बरामद हुई है……..
ईडी ने जांच के दौरान आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, तत्कालीन सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली.
ED कार्रवाई के बाद लिया बड़ा फैसला
हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि टीवी चैनलों पर यह खबर चल रही है कि देहरादून में उनके पूर्व पीए रहे चंदन सिंह जीना के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई आने वाले समय में सामने आएगी, लेकिन यह तथ्य सही है कि चंदन सिंह जीना लंबे समय तक उनके साथ विभिन्न पदों पर कार्य करते रहे हैं. रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना हमेशा से विनम्र और जिम्मेदार व्यक्ति रहे हैं. हालांकि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता के आरोपों के प्रमाण सामने आते हैं तो उस कथित कृत्य के लिए वह स्वयं को शर्मिंदा महसूस करेंगे. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि उन्हें अभी तक इन आरोपों पर विश्वास नहीं है.



अपने बयान में हरीश रावत ने उत्तराखंड की राजनीति और आगामी चुनावों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं. मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी. यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे. लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है. कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं. राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं.
पार्टी हित में छोड़े पद
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूँगा. इसलिए मैंने अभी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है कि मैं किसी सरकारी पद पर तो हूं नहीं, की उससे त्यागपत्र दूं! हां मैं, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं और मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए.
